देश दुनिया मे नाम रौशन कर रहीं सीतामढ़ी की बेटी सुभ्रा प्रकाश ।

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सीतामढ़ी पेज : जोड़े दिलों को

जगत जननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी प्रतिभाओं के मामले में काफी उर्वर हैं । यहां की कई बेटे बेटियां अपनी प्रतिभा से देश दुनिया को आलोकित कर रहें हैं।
बेटियों की बात करें तो सीतामढ़ी की आशा खेमका, पल्लवी विश्वास, आशा प्रभात, भावना द्विवेदी, दीक्षा द्विवेदी, नलिनी सिंह, रत्ना वीरा, रितु जायसवाल, प्रतिभा प्रिया, नेहा राठौड़,प्रेरणा सिन्हा, मधुबाला, नेहा सिंह,जानबी झा,आकांक्षा अंशु जैसे कई नाम है जिन्होंने देश दुनिया मे सीतामढ़ी का नाम रौशन कर रहीं है । इन्हीं दिनों एक नया नाम जुड़ गया है शुभ्रा प्रकाश ।

सीतामढ़ी के डुमरा निवासी शिव प्रकाश सिंह एवम रेणु सिंह की सुपुत्री शुभ्रा प्रकाश की प्रतिभाओं की चर्चा सीतामढ़ी और हैदरबाद से लेकर फ्रांस के पेरिस तक हो रही है । शुभ्रा ने गीत संगीत की दुनिया मे अपनी एक विशेष पहचान बनाई है । हाल ही में उसे पेरिस में यूरोपियन बैंड के साथ प्रस्तुति के बाद ”ल सन्तर ड्यू जू” अवार्ड से सम्मानित किया गया । यानि Singer of the Day । शुभ्रा संगीत के साथ बिहारी भाषाओं की अलख जगा रही है हैदराबाद से लेकर फ्रांस तक ।

2005 में डुमरा स्थित एन एस डीएवी से 10 वीं और समस्तीपुर के होली मिशन से 12 वीं की पढ़ाई करने के बाद आगे की उच्च शिक्षा के लिए हैदराबाद चली गयी । यहाँ ईएफएल यूनिवर्सिटी से फ्रेंच लेंग्वेज में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की । 2013 में शुभ्रा प्रकाश को गूगल में लेंग्वेज एक्सपर्ट के पद पर काम करने लगी । 2017 में गूगल के तरफ से ही शुभ्रा को फ्रांस जाने का मौका मिला । फ्रांस के पेरिस में प्रोजेक्ट एक्सपर्ट के रूप में शुभ्रा कार्य तो करने ही लगी, लेकिन बचे समयों में वह वहाँ ही बच्चों को गीत संगीत और बिहारी भाषाओं की गुर सिखाने लगी । शुभ्रा का मुख्य फोकस भोजपुरी और मैथिली जैसी भाषाओं पर था ।

इसी दौरान शुभ्रा प्रकाश का सम्पर्क पेरिस में एक यूरोपियन बैंड से हुई । शुभ्रा में गीत संगीत की प्रतिभा तो थी ही, उसे निखारने का सुअवसर यहीं प्राप्त हुआ । शुभ्रा यूरोपियन बैंड के साथ पेरिस के एक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी । इस शानदार प्रस्तुति से शुभ्रा की चर्चा भारत से लेकर फ्रांस तक होने लगी । धीरे धीरे शुभ्रा पेरिस में दर्जनों प्रस्तुति दी । सीतामढ़ी की इस बेटी की गीत संगीत की प्रतिभा को विदेश की इस धरती पर खूब सराहना मिली ।

उसके बाद शुभ्रा प्रकाश अपना म्यूजिक बैंड ”द जू” बनाकर विदेशी गीतों के साथ क्षेत्रीय भारतीय गीतों का विलय करके अपनी नई गीत बनाने लगी ।

शुभ्रा हैदराबाद में ”कृष्णा स्टूडियो” की स्थापना कर यहाँ भी गीत संगीत और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए काम करने लगी । शुभ्रा की योजना ही है कि बिहार की स्थानीय भारतीय भाषाओं को विश्व पटल पर लाया जाए । इसके लिए उसने गांव की छुपी हुई प्रतिभा को तराशने और उसे मंच देने के लिए कार्य कर रही है । Youtube पर शुभ्रा प्रकाश का चैनल का नाम ”Shubhra Brun” है । शुभ्रा अपने यूट्यूब पर नए नए गीत संगीत अपलोड करने लगी । यूट्यूब से लेकर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ओर शुभ्रा के गानों की खूब सराहना होने लगी ।

ये रहा शुभ्रा प्रकाश के यूट्यूब चैनल से कुछ शानदार गाने के लिंक :

शुभ्रा स्कूल कॉलेज के दिनों से ही गीत संगीत में विशेष रुचि रखती थी । हैदराबाद जाकर उसे कॉलेज में एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिला । अपने कॉलेज के कार्यक्रमों में एवम अन्य सांस्कृतिक मंचों से शुभ्रा परफॉर्म करने लगी ।

IIM,Banglore में आयोजित वार्षिकोत्सव में शुभ्रा प्रकाश को मुख्य मंच से परफॉर्म करने का आमंत्रण मिला । शुभ्रा ने यहाँ भी अपना जलवा दिखाई । 2009 में हैदराबाद में आयोजित एक फ्रेंच-इंडियन कार्यक्रम में शुभ्रा प्रकाश विजेता बनी थी । तभी उसकी चर्चा हैदराबाद में गीत संगीत की दुनिया मे होने लगी थी । अपने इस प्रतिभा को और अधिक निखारने का मौका उसे फ्रांस जाकर मिला ।

हैदराबाद में स्नाकोत्तर पढाई के दौरान जब शुभ्रा सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अपनी एक अलग पहचान बनाई तो धीरे धीरे अब उसे तमिल फिल्मों से ऑफर आने लगे । मॉडलिंग के जरिये म्यूजिक और क्लासिकल म्यूजिक क्षेत्रों में आई शुभ्रा शीघ्र ही बतौर अभिनेत्री तमिल फिल्मों में इंट्री करने वाली है । गीत संगीत नृत्य एक्टिंग में शुभ्रा हैदराबाद से फ्रांस के पेरिस तक अब तक दर्जनों शो कर चुकी है । वर्तमान में ‘द जू’ और ‘कृष्णा स्टूडियों’ उनकी अपनी संस्था है । और वह पेरिस की संस्था ‘एलियांस फ्रांसेज’ से भी वर्तमान में जुड़ी हुई है ।

हला की तमिल फिल्मों में इंट्री के सवाल पर शुभ्रा प्रकाश कहती है पहले क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं, खासकर बिहार की मैथिली और भोजपुरी को लेकर कुछ काम कर लूं । दरअसल शुभ्रा इन भाषाओं को लेकर एक नया मुकाम बनाना चाहती है । शुभ्रा का मकसद है कि विश्व की विलुप्त होती क्षेत्रीय भाषाओं को खोजकर उन्हें गीत संगीत का नया रूप दिया जाए । लोग पुनः उस क्षेत्रीय भाषाओं के गीत को गुनगुनाये । खासकर भोजपुरी और मैथिली जैसी भाषाओं को वह विश्व पटल पर स्थापित करना चाहती है । वेस्टर्न क्लासिकल और इंडियन म्यूजिक को एकसूत्र में पिरोने के अभियान में लगी है शुभ्रा । फिलहाल वह तमिल,तेलगु और बांग्ला फ़िल्म इंड्रस्ट्री में चार प्रोजेक्ट पर कार्य भी कर रही है । दो माह बाद शुभ्रा प्रकाश पुनः अपने टीम के साथ फ्रांस सहित अन्य यूरोपीय देशों जे टूर पर जानेवाली है ।

डुमरा, जेल रोड,सीतामढ़ी की बेटी शुभ्रा प्रकाश ने सच्च में हैदराबाद से लेकर पेरिस तक सीतामढ़ी, बिहार और भारत देश का नाम रौशन की है । शुभ्रा के गीत संगीत की प्रतिभा एवम क्षेत्रीय भाषाओं के लिए उनका कार्य, उनकी योजना प्रशंसनीय है। समाचार पत्र एवम टीवी मीडिया चैनलों ने सीतामढ़ी की इस प्रतिभा को प्रमुखता से कवरेज भी किया ।

सीतामढ़ी की बेटी शुभ्रा प्रकाश को खूब बधाई और शुभकामनाएं । सीतामढी वेब परिवार आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है । जल्द सीतामढ़ी फेसबुक पेज पर शुभ्रा प्रकाश आपसे LIVE रूबरू होंगी ।

आर्टिकल : रंजीत पूर्बे

Article : Ranjeet Purbey

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