प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह की नई पहल ।

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2008 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रणजीत कुमार सिंह हाल ही में बिहार सरकार,पटना में प्राथमिक शिक्षा में नए निदेशक के पद पर पदस्थापित हुए हैं ।

हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करनेवाले यह युवा आईएएस अधिकारी पूर्व में सीतामढ़ी में जिलाधिकारी के पद पर थे । इनके कार्यकाल के दौरान सीतामढ़ी में कई सारे परिवर्तन देखने को मिले । सीतामढ़ी के चतुर्दिक विकास के लिए काफीई प्रयासरत रहे । सीतामढ़ी को कई सारे अवार्ड मिलने से यह अधिकारी और सीतामढ़ी जिला भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा ।

अब प्राथमिक शिक्षा के नए निदेशक बनते ही डॉ रणजीत कुमार सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र कुछ बड़ा बदलाव करने की सोची है । उन्होंने बताया दो नई योजना शुरू होगी ” Student of The Day” और ‘Teacher of The Month” ।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया पारदर्शी होगी । स्कूली बच्चें अब पढाई लिखाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेंगे आउर विभिन्न प्रकार के खेल भी खेलेंगे । तभी बच्चों का शिक्षा के साथ साथ सर्वांगीण विकास होगा ।

स्टूडेंट ऑफ द डे और टीचर ऑफ द मन्थ पर विस्तार से बताते हुए निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि बिहार राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक आर मध्य विद्यालय में हर दिन एक बच्चा स्टूडेंट ऑफ द डे बनेगा । और प्रत्येक माह एक शिक्षक टीचर ऑफ द मन्थ बनेंगे । टीचर ऑफ द मंथ घोषित होनेवाले शिक्षक की तस्वीर एक महीने तक स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लगी रहेगी ।

आगे उनकी कोशिश है प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के सारे कार्य ससमय निष्पादित हो । हला की प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने की उनकी योजना तो है ही । फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्राथमिक शिक्षकों की बहाली (नियोजन) है । बिहार राज्य में तकरीबन 1 लाख प्राथमिक शिक्षकों की बहाली होनी है । 18 सितम्बर, बुधवार से उसके लिए आवेदन पड़ेंगे ।

आगे डॉ रणजीत कुमार सिंह बताते हैं प्राथमिक शिक्षकों की बहाली में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी । उसके लिए अलग से एक पंजी बनाई जाएगी । जो बीडीओ से सर्टिफाइड रहेगी । इससे किसी भी अभ्यर्थी को किसी भी प्रकार का कोई शिकायत नहीं होगी ।

हर विद्यालय में हर दिन ओवरऑल परफॉर्मेंसेस, जिसमें पढाई लिखाई के साथ साथ साफ सफाई भी शामिल होगा, के आधार पर ही बच्चों का चयन स्टूडेंट ऑफ द डे का चयन किया जाएगा । इसका असर सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर पड़ेगा ।

डॉ रणजीत कुमार सिंह कहते है वे अपने ऑफिस ( प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) को मॉडर्न लुक देंगे । डिजिटल इंडिया के हिसाब से ऑफिस को अपडेट किया जाएगा ।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय एवम प्राथमिक शिक्षा की बेहतरी के लिए वे फीडबैक लेंगे । उसपर अमल करेंगे । इससे एक नई कार्यसंस्कृति विकसित होगी ।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा शुरू किए जाने वाले नए नए योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने आगे यह भी कहा कि विद्यालय का रंग रोगन कार्य होगा । विद्यालय परिसर में किचेन गार्डन विकसित किया जाएगा । उस गार्डेन से निकलनेवाले हरी सब्जियों का उपयोग बच्चों के मध्याह्न भोजन में होगा । अगर हरी सब्जियां बच्चों के प्रयोग से ज्यादा होंगी तो उसका उपयोग शिक्षक भी कर सकेंगे ।

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में सांस्कृतिक गतिविधियां और विभिन्न प्रकार के खेल गतिविधियां अनिवार्य की जाएगी ।
इसके लिए शनिवार का दिन तय किया जाएगा । बच्चें सेकंड हॉफ में इसमें हिस्सा लेंगे ।

उम्मीद है प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह की नई पहल और इस अनूठी योजना से एक नई प्रगति देखने को मिलेगी ।

(साभार : ‘आज’ समाचार पत्र, पटना )

आर्टिकल : रंजीत पूर्बे

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8 thoughts on “प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह की नई पहल ।

  1. बहुत अच्छी पहल है अगर ईमानदारी पूर्वक इसे सरजमीन पर लागू होता है वैसे योजना तो सरकार कि कागजों तक ही सीमित रह जाती है
    अगर यह योजना सफल रहा तो निश्चित ही शिक्षा जगत में एक नयी क्रान्ति होगी बहुत बहुत बधाई हो सर को

  2. Ranjeet bhaiya pranam.

    Bahut ki acchi pahel hai aur iss se
    students aur teacher dono me jagrukta badhegi.school parisar me sabji ,flowers,,
    etc se students ki rachanatmakta badhegi.

    Aapke is kadam ke liye aap badhai
    ke patra hai..
    Bhaiya isse tarah se revolutionary steps
    uthate raheiye …
    I welcome your descision.

    jai hind.

  3. सरकारी स्कूलों में जबतक योग्य शिक्षक नहीं होंगे …तबतक शिक्षा का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है …..

  4. अच्छी पहल है, शिक्षक और छात्र दोनो ही प्रेरित होंगे।प्रतियोगी माहौल बनेगा जहां हर छात्र और हर शिक्षक अच्छा करना चाहेगा। मैं आपको सैल्यूट करता हूँ। अध्यापन के दौरान मैं वर्ग कक्ष में प्रतिदिन का एक अलग मॉनिटर नामित करता हूँ जिससे औसत छात्र भी अपने को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं

  5. हर विद्यालय में सबसे अच्छे शिक्षक का चुनाव बच्चों के गुप्त मतदान के द्वारा प्रतिवर्ष कराया जाय।इससे भी बेहतर माहौल बनेगा।
    प्रत्येक माह विद्यालय के सबसे अच्छे बच्चे का चुनाव भी शिक्षको द्वारा किया जाय।

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